24 घंटे में राजस्थान से 6 माह के मासूम की सकुशल बरामदगी: रतलाम पुलिस ने रचा इतिहास, जनता ने किया खुलकर सम्मान

जब कर्तव्य बन जाए जुनून, तब पुलिस सिर्फ कानून नहीं, इंसानियत भी बचाती है”

डॉ. महेश प्रसाद मिश्रा, भोपाल

रतलाम जिले की जावरा औद्योगिक क्षेत्र पुलिस ने वह कर दिखाया है, जिसे सुनकर हर नागरिक का पुलिस व्यवस्था पर विश्वास और मजबूत हो जाएगा। महज 24 घंटे के भीतर राजस्थान के कुख्यात गिरोह के चंगुल से 6 माह के मासूम बच्चे को सकुशल बरामद कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार करना केवल एक पुलिस कार्रवाई नहीं, बल्कि संवेदनशीलता, समर्पण, तकनीकी दक्षता और अदम्य साहस का उत्कृष्ट उदाहरण है।

आज जब अक्सर कुछ लोग यह प्रश्न उठाते हैं कि पुलिस जनता के लिए क्या करती है?” तो रतलाम पुलिस की यह उपलब्धि उन सभी सवालों का सशक्त और जीवंत उत्तर है। यह सत्य है कि हर विभाग में कुछ लोग अपेक्षित स्तर पर कार्य नहीं कर पाते, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि पूरा विभाग निष्क्रिय है। रतलाम पुलिस की इस कार्रवाई ने सिद्ध कर दिया है कि जब नेतृत्व सक्षम हो और टीम समर्पित हो, तो असंभव भी संभव हो जाता है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार जावरा में रह रहे एक परिवार का छह माह का मासूम बालक संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था। मामला अत्यंत संवेदनशील था। बच्चे के अपहरण की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक रतलाम श्री अमित कुमार (भा.पु.से.) के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री विवेक कुमार लाल एवं नगर पुलिस अधीक्षक जावरा श्री युवराज सिंह चौहान के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित की गई।

पुलिस टीम ने दिन-रात एक कर दिए। लगभग 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, तकनीकी विश्लेषण किया गया, साइबर इनपुट जुटाए गए और हर संभावित दिशा में जांच की गई। पुलिस की मेहनत रंग लाई और राजस्थान के झालावाड़ जिले से एक महिला, एक पुरुष तथा एक विधि-विरुद्ध किशोर को हिरासत में लेकर मासूम बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया गया।

यह उपलब्धि केवल एक बच्चे की बरामदगी नहीं है, बल्कि उस मां की ममता को वापस लौटाने का कार्य है, जो अपने कलेजे के टुकड़े के लिए दर-दर भटक रही थी। यह उस परिवार की खुशियों की वापसी है, जिसकी दुनिया अचानक उजड़ गई थी।

एसपी अमित कुमार एवं एएसपी विवेक लाल के नेतृत्व को सलाम-इस पूरी कार्रवाई में पुलिस अधीक्षक श्री अमित कुमार एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री विवेक कुमार लाल का नेतृत्व अत्यंत सराहनीय रहा। उनकी दूरदर्शिता, त्वरित निर्णय क्षमता, टीम प्रबंधन और परिणामोन्मुख कार्यशैली ने इस चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन को सफलता के शिखर तक पहुंचाया।

सच तो यह है कि एसपी श्री अमित कुमार जी और एएसपी श्री विवेक कुमार लाल जी की टीम ने जो कर दिखाया है, उसके लिए उनकी जितनी प्रशंसा की जाए, वह कम है। जिस प्रकार उनकी टीम ने समय के विरुद्ध दौड़ लगाकर एक मासूम की जिंदगी को सुरक्षित किया, वह पुलिस सेवा के सर्वोच्च मानकों का उदाहरण है।

रतलाम की जनता ने दिल खोलकर किया सम्मान-इस अभूतपूर्व सफलता के बाद प्रेस वार्ता के दौरान रतलाम की जनता ने पुलिस टीम की खुलकर प्रशंसा की। लोगों ने पुलिस अधिकारियों और पूरी टीम का सम्मान कर उनका उत्साहवर्धन किया। वास्तव में ऐसे अधिकारियों और कर्मियों का सम्मान होना भी चाहिए, क्योंकि इससे कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अधिकारियों का मनोबल बढ़ता है तथा वे और अधिक समर्पण के साथ जनता की सेवा के लिए प्रेरित होते हैं।

आज आवश्यकता है कि समाज केवल कमियों पर ही ध्यान न दे, बल्कि ऐसे उत्कृष्ट कार्यों को भी सामने लाए और सम्मानित करे। रतलाम पुलिस ने यह सिद्ध कर दिया है कि जब निष्ठा, तकनीक और संवेदनशीलता एक साथ काम करती हैं, तो अपराधी कितना भी शातिर क्यों न हो, कानून के शिकंजे से बच नहीं सकता।

जनता की आवाज-रतलाम पुलिस ने केवल एक बच्चे को नहीं बचाया, बल्कि हजारों परिवारों के मन में सुरक्षा और विश्वास की नई उम्मीद जगाई है।”

रतलाम पुलिस, विशेष रूप से एसपी श्री अमित कुमार, एएसपी श्री विवेक कुमार लाल, सीएसपी श्री युवराज सिंह चौहान तथा पूरी पुलिस टीम को इस ऐतिहासिक सफलता के लिए हार्दिक बधाई एवं अभिनंदन।

कर्तव्य, संवेदनशीलता और साहस का पर्याय बनी रतलाम पुलिस – सलाम है इस जांबाज़ टीम को!”

 

DR MAHESH PRASAD MISHRA
Author: DR MAHESH PRASAD MISHRA

Recognized globally and nationally for leadership in infrastructure development, social impact, and nation-building, with multiple international awards, honorary doctorate, and prestigious recognitions for excellence, innovation, and societal contribution.

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